इस पेज पर 13 सेक्शन
- भ्रम 1 ग्लूटाथियोन स्किन को हमेशा के लिए गोरा कर देता है
- भ्रम 2 7 दिन में रिज़ल्ट दिख जाएगा
- भ्रम 3 इंजेक्शन ज़्यादा तेज़ और ज़्यादा सेफ हैं
- भ्रम 4 ग्लूटाथियोन एक स्किन ब्लीच है
- भ्रम 5 ग्लूटाथियोन लगाते हैं तो सनस्क्रीन की ज़रूरत नहीं
- भ्रम 6 ज़्यादा ग्लूटाथियोन मतलब जल्दी रिज़ल्ट
- भ्रम 7 ग्लूटाथियोन साबुन क्रीम जितना ही असर करता है
- भ्रम 8 नैचुरल है तो कोई साइड इफेक्ट नहीं
- भ्रम 9 सारे ग्लूटाथियोन प्रोडक्ट एक जैसे होते हैं
- भ्रम 10 खाने से ग्लूटाथियोन लेवल पर कोई फर्क नहीं पड़ता
- भ्रम 11 ग्लूटाथियोन सिर्फ महिलाओं के लिए है
- भ्रम 12 ग्लूटाथियोन पूरे शरीर को "डिटॉक्स" कर देता है
- तो ग्लूटाथियोन असल में क्या कर सकता है?
झटपट जवाब
सबसे बड़ा भ्रम यह है कि ग्लूटाथियोन कुछ ही दिनों में स्किन को हमेशा के लिए गोरा कर देता है। असल में यह एक एंटीऑक्सीडेंट है, और इससे जो भी निखार आता है वह थोड़ा, धीमा और कुछ समय का होता है, जो 8 से 12 हफ्तों में दिखता है। यह रोज़ सनस्क्रीन के साथ सबसे अच्छा काम करता है। स्किन लाइट करने वाले इंजेक्शन में असली खतरे हैं।
भारत में बहुत कम स्किनकेयर चीज़ों की इतनी चर्चा होती है जितनी ग्लूटाथियोन की, और बहुत कम चीज़ें इतनी गलत समझी जाती हैं। ऐड, रील्स और सैलून के ऑफर बड़े-बड़े वादे करते हैं। हमने 12 सबसे आम भ्रम चुने और हर एक को रिसर्च की बातों से मिलाकर देखा।
अगर आपका कोई जानने वाला ग्लूटाथियोन पर पैसे खर्च करने वाला है, तो पहले उसे यह पेज भेज दीजिए। हो सकता है यह उसे गलत खरीद से, या किसी जोखिम वाले ट्रीटमेंट से बचा ले।
भ्रम 1ग्लूटाथियोन स्किन को हमेशा के लिए गोरा कर देता है
सचजो भी निखार मिलता है, वह कुछ समय का होता है। आपकी स्किन मेलेनिन बनाना कभी बंद नहीं करती, इसलिए इस्तेमाल रोकने के बाद आपका नैचुरल रंग धीरे-धीरे लौट आता है, और धूप में रहने पर और जल्दी। यह परमानेंट क्यों नहीं है →
भ्रम 27 दिन में रिज़ल्ट दिख जाएगा
सचजिन स्टडी में स्किन में बदलाव मिला, वे 8 से 12 हफ्ते या उससे ज़्यादा चलीं। स्किन को अपनी ऊपरी परत नई करने में ही कई हफ्ते लगते हैं। अगर कोई प्रोडक्ट “7 दिन” का दावा करे, तो उससे दूर रहिए। असली टाइमलाइन →
भ्रम 3इंजेक्शन ज़्यादा तेज़ और ज़्यादा सेफ हैं
सचग्लूटाथियोन लेने का सबसे जोखिम वाला तरीका इंजेक्शन ही है। इनसे गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है, और लापरवाही से लगाए जाएँ तो इन्फेक्शन भी हो सकता है। हेल्थ रेगुलेटर स्किन लाइट करने के लिए इनके इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दे चुके हैं, और भारत का CDSCO कह चुका है कि इंजेक्शन वाले प्रोडक्ट कॉस्मेटिक नहीं हैं। भारत में इंजेक्शन →
भ्रम 4ग्लूटाथियोन एक स्किन ब्लीच है
सचयह ब्लीच बिल्कुल नहीं है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है जो आपका शरीर खुद बनाता है। यह शायद हल्के से बदल सकता है कि आपकी स्किन कितना मेलेनिन बनाती है और किस तरह का, लेकिन यह स्किन का रंग उड़ाता नहीं। ग्लूटाथियोन क्या है →
भ्रम 5ग्लूटाथियोन लगाते हैं तो सनस्क्रीन की ज़रूरत नहीं
सचसनस्क्रीन किसी भी ब्राइटनिंग प्रोडक्ट से ज़्यादा ज़रूरी है जो आप खरीद सकते हैं। बिना SPF के रोज़ की धूप कुछ हफ्तों की अच्छी मेहनत पर पानी फेर सकती है। हर सुबह SPF 30+ लगाइए। सनस्क्रीन सबसे पहले क्यों →
भ्रम 6ज़्यादा ग्लूटाथियोन मतलब जल्दी रिज़ल्ट
सचक्रीम की मोटी परत लगाने या दोगुनी टैबलेट लेने से कुछ जल्दी नहीं होता। इससे बस जलन या पेट खराब होने की संभावना बढ़ती है। मटर के दाने जितनी क्रीम, रेगुलर लगाई जाए, काफी है। ग्लूटाथियोन की डोज़ →
भ्रम 7ग्लूटाथियोन साबुन क्रीम जितना ही असर करता है
सचसाबुन और फेस वॉश कुछ सेकंड स्किन पर रहते हैं और फिर पानी के साथ बह जाते हैं, इसलिए वे ज़्यादा कुछ नहीं कर पाते। जो क्रीम या सीरम स्किन पर टिका रहता है, उसे काम करने का कहीं ज़्यादा समय मिलता है। क्या ग्लूटाथियोन साबुन काम करता है? →
भ्रम 8नैचुरल है तो कोई साइड इफेक्ट नहीं
सचहाँ, आपका शरीर ग्लूटाथियोन खुद बनाता है। फिर भी प्रोडक्ट से लालिमा, खुजली या पेट खराब हो सकता है, और अक्सर इसकी वजह उसमें मौजूद कोई दूसरी चीज़ होती है। हमेशा पहले पैच टेस्ट कीजिए। अगर आप प्रेग्नेंट हैं या आपको अस्थमा है, तो इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से पूछ लीजिए। साइड इफेक्ट →
भ्रम 9सारे ग्लूटाथियोन प्रोडक्ट एक जैसे होते हैं
सचये अपने रूप (क्रीम, सीरम या टैबलेट), उनमें मिली बाकी चीज़ों और क्वालिटी में अलग होते हैं, और बाज़ार में नकली भी खूब हैं। लेबल पर बनाने वाली कंपनी की डिटेल, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट ज़रूर देखिए। नकली कैसे पहचानें →
भ्रम 10खाने से ग्लूटाथियोन लेवल पर कोई फर्क नहीं पड़ता
सचआप जो खाते हैं, वह आपके शरीर को अपना ग्लूटाथियोन बनाने में मदद करता है। सल्फर वाली सब्ज़ियाँ, भरपूर प्रोटीन, विटामिन C और सेलेनियम, सब काम आते हैं, और अच्छी नींद और सिगरेट से दूरी भी। कौन से खाने मदद करते हैं →
भ्रम 11ग्लूटाथियोन सिर्फ महिलाओं के लिए है
सचस्किन को इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप पुरुष हैं या महिला। पुरुषों की स्किन पर भी ग्लूटाथियोन वैसे ही काम करता है, और उनकी स्किन अक्सर ज़्यादा ऑयली होती है और रोज़ आने-जाने में ज़्यादा धूप भी झेलती है। पुरुषों के लिए ग्लूटाथियोन →
भ्रम 12ग्लूटाथियोन पूरे शरीर को “डिटॉक्स” कर देता है
सचआपका लिवर ग्लूटाथियोन को अपने कई औज़ारों में से एक की तरह इस्तेमाल ज़रूर करता है। लेकिन कोई प्रोडक्ट खाने या लगाने से “टॉक्सिन बाहर” नहीं निकलते। एक हेल्दी लिवर यह काम पहले से आपके लिए कर रहा है। असली फायदे →
तो ग्लूटाथियोन असल में क्या कर सकता है?
ग्लूटाथियोन एक असली एंटीऑक्सीडेंट है, और इस पर अच्छी-खासी रिसर्च हुई है। स्किनकेयर में यह आपकी स्किन को ज़्यादा निखरी और एक जैसी रंगत वाली दिखाने में मदद कर सकता है। बदलाव धीमा और थोड़ा होता है, और यह सनस्क्रीन के साथ रेगुलर इस्तेमाल पर टिका है। अगर कोई इससे ज़्यादा का वादा करे, तो सावधान रहिए।
अब भी कोई सवाल है? देखिए ग्लूटाथियोन के 30 सवालों के जवाब, या फ्री स्किन क्विज़ दीजिए।
इस गाइड को बनाने वालों की ओर से
Glutanex ग्लूटाथियोन नाइट क्रीम
कोई चमत्कारी वादा नहीं: ग्लूटाथियोन के साथ विटामिन C, कोजिक एसिड और आर्बुटिन, ताकि कुछ हफ्तों के लगातार इस्तेमाल से रंगत ज़्यादा निखरी दिखे। 30 g.
Instagram पर @glutanexofficial को फॉलो करें
डिस्क्लोज़र: Glutanex हमारा अपना ब्रांड है। हर किसी का रिज़ल्ट अलग हो सकता है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं। कोई भी सप्लीमेंट या ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले किसी डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से ज़रूर पूछ लें।
यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं। कोई भी सप्लीमेंट या ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से बात करें। डिस्क्लेमर · डिस्क्लोज़र



