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भारत में अंडरआर्म्स का काला पड़ना बहुत आम है, और ग्लूटाथियोन के बहुत सारे प्रोडक्ट्स ठीक इसी के लिए बेचे जाते हैं। कुछ भी खरीदने से पहले यह जान लेना अच्छा है कि वहाँ की स्किन काली क्यों हुई, क्योंकि वजह से ही तय होता है कि क्या काम करेगा।
अंडरआर्म्स काले क्यों होते हैं?
- रगड़, चाहे टाइट कपड़ों से हो या स्किन के स्किन से घिसने से
- शेविंग और बाल हटाने के दूसरे तरीके, क्योंकि रेज़र और वैक्सिंग से स्किन में जलन होती है
- ऐसे डियोड्रेंट और एंटीपर्सपिरेंट जो आपकी स्किन को सूट नहीं करते
- डेड स्किन का जमा होना
- पसीना और उमस, जो भारत के ज़्यादातर हिस्सों में भरपूर है
- हार्मोन और मेटाबॉलिज़्म से जुड़ी वजहें, जैसे एकैंथोसिस निग्रिकन्स (acanthosis nigricans)। इसका संबंध इंसुलिन रेज़िस्टेंस, PCOS, डायबिटीज़ और वज़न बढ़ने से है।
एक बात पर ध्यान दें। अगर काली स्किन मोटी या मखमली सी लगे, या आपको गर्दन के पीछे भी ऐसा दिखे, तो कृपया डॉक्टर को दिखाइए। यह इंसुलिन रेज़िस्टेंस का संकेत हो सकता है, और उसका इलाज किसी भी क्रीम से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है।
क्या ग्लूटाथियोन काले अंडरआर्म्स में मदद कर सकता है?
रगड़ और जलन से आए कालेपन में यह कुछ मदद कर सकता है। यह स्किन टोन को ज़्यादा एक जैसा रखने में साथ देता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ता है। लेकिन खास तौर पर अंडरआर्म्स पर बहुत कम रिसर्च हुई है, इसलिए धीमे और हल्के बदलाव की उम्मीद रखें, कोई बड़ा फ़र्क नहीं।
अगर कालापन इंसुलिन रेज़िस्टेंस जैसी किसी अंदरूनी समस्या की वजह से है, तो जब तक उस समस्या का इलाज नहीं होता, ग्लूटाथियोन उसे ठीक नहीं करेगा।
अंडरआर्म्स के लिए एक हल्का रूटीन
- किसी माइल्ड क्लेंज़र से हल्के हाथ से धोएँ। ज़ोर से न रगड़ें।
- उस जगह को थपथपाकर पूरी तरह सुखा लें।
- रात में ग्लूटाथियोन क्रीम की एक पतली परत लगाएँ।
- कोई हल्का डियोड्रेंट आज़माएँ, या कुछ दिन बिना डियोड्रेंट के रहें।
- बाल हटाने का ऐसा तरीका चुनें जिससे कम जलन हो, जैसे ट्रिमिंग, और उसके बाद मॉइस्चराइज़ करें।
पहले पैच टेस्ट करें। अंडरआर्म्स की स्किन पतली और सेंसिटिव होती है। ताज़ा शेव की हुई, कटी हुई या जलन वाली स्किन पर क्रीम कभी न लगाएँ।
रोज़ की आदतें जो मदद करती हैं
- ढीले, हवादार कॉटन के कपड़े पहनें।
- उस जगह को सूखा रखें।
- हर दिन मॉइस्चराइज़ करें ताकि रगड़ कम हो।
- सेहतमंद वज़न बनाए रखने की कोशिश करें, और अगर कालापन मोटा है या फैल रहा है तो ब्लड शुगर की जाँच करवाएँ।
कोहनी, घुटने और जांघों के अंदर की स्किन
ये हिस्से भी लगभग इन्हीं वजहों से काले पड़ते हैं, ज़्यादातर रगड़ और रूखेपन से। इसलिए यहाँ भी यही रूटीन काम करता है। हल्के हाथ से साफ़ करें, मॉइस्चराइज़ करें, रगड़ कम करें, और ऐसा ब्राइटनिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल करें जिसे लगाकर छोड़ा जाता है। ज़्यादा जानकारी हमारी गाइड पिगमेंटेशन के लिए ग्लूटाथियोन में है।
खरीदने से पहले
अगर आपके अंडरआर्म्स का कालापन रगड़ से है, तो ग्लूटाथियोन रूटीन का एक हिस्सा हो सकता है, साथ में हल्की देखभाल और कम जलन। अगर धब्बे मोटे और मखमली हैं, तो कुछ भी आज़माने से पहले डॉक्टर को दिखाइए।
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इस गाइड को बनाने वालों की ओर से
Glutanex ग्लूटाथियोन नाइट क्रीम
इसे शरीर के उन हिस्सों पर लगाया जा सकता है जहाँ स्किन बेजान दिखती है। इसमें कोजिक एसिड है, इसलिए हमेशा पैच टेस्ट करें और ताज़ा शेव की हुई या कटी-फटी स्किन पर न लगाएँ।
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यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है और मेडिकल सलाह नहीं है। कोई भी सप्लीमेंट या ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।
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