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ग्लूटाथियोन के नुकसान क्या हैं? ग्लूटाथियोन क्रीम से आम तौर पर दिक्कत नहीं होती, पर कभी-कभी हल्की लाली, खुजली या रूखापन हो सकता है, इसलिए पहले पैच टेस्ट कर लें। गोलियों से कुछ लोगों का पेट फूल सकता है। इंजेक्शन में खतरे गंभीर हैं। प्रेग्नेंट महिलाएं और अस्थमा के मरीज़ कुछ भी शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछें।
ग्लूटाथियोन तो शरीर में खुद बनता है, इसलिए बहुत लोग मान लेते हैं कि इसका हर प्रोडक्ट बिल्कुल सेफ़ होगा। क्रीम और आम सप्लीमेंट ज़्यादातर लोगों को सूट कर जाते हैं, यह सही है। पर असली फ़र्क इससे पड़ता है कि आप इसे किस रूप में ले रहे हैं।
ग्लूटाथियोन क्रीम के साइड इफेक्ट्स
तीनों तरीकों में क्रीम का रिस्क सबसे कम है। फिर भी कभी-कभी ये हो सकता है:
- लाली या हल्की जलन
- खुजली या चुभन
- एलर्जी से रैश या छोटे-छोटे दाने
- त्वचा का रूखा होना
इनसे बचने के लिए कुछ आसान बातें याद रखें।
- पहले पैच टेस्ट करें। थोड़ी सी क्रीम कान के पीछे या बांह के अंदर की तरफ़ लगाएं और 24 से 48 घंटे देखें।
- जलन या खुजली हो तो क्रीम लगाना वहीं बंद कर दें।
- कटी या छिली हुई त्वचा पर न लगाएं।
- आंखों के आसपास न जाने दें।
ग्लूटाथियोन टैबलेट के साइड इफेक्ट्स
गोलियों से ज़्यादातर पेट से जुड़ी शिकायतें होती हैं:
- पेट फूलना, गैस या मरोड़
- दस्त
- कभी-कभार एलर्जी
ग्लूटाथियोन इंजेक्शन और IV ड्रिप ⚠️
सबसे बड़ा खतरा यहीं है। कई सैलून और क्लिनिक रंग हल्का करने के नाम पर ग्लूटाथियोन इंजेक्शन लगाते हैं, जबकि कई देशों के हेल्थ डिपार्टमेंट खूबसूरती के लिए इनके इस्तेमाल पर चेतावनी दे चुके हैं। भारत में CDSCO ने भी साफ़ कहा है कि इंजेक्शन से दी जाने वाली चीज़ें कॉस्मेटिक नहीं मानी जातीं।
इंजेक्शन से ये परेशानियां हो सकती हैं:
- गंभीर एलर्जी
- त्वचा पर गंभीर रैश
- कुछ मामलों में किडनी, लिवर या नसों पर असर
- गंदी सुई या गलत तरीके से लगे इंजेक्शन से इन्फेक्शन
- नकली या मिलावटी प्रोडक्ट
हमारी सलाह: रंग हल्का करने के लिए ग्लूटाथियोन इंजेक्शन मत लगवाइए। त्वचा की सेहत के लिए इतना रिस्क लेना ठीक नहीं।
किन लोगों को ग्लूटाथियोन से बचना चाहिए या डॉक्टर से पूछना चाहिए?
अगर आप इनमें से किसी में आते हैं, तो पहले डॉक्टर से बात करें:
- प्रेग्नेंट हैं या बच्चे को अपना दूध पिलाती हैं
- अस्थमा है
- प्रोडक्ट की किसी चीज़ से एलर्जी है
- रोज़ कोई दवा चलती है
- बच्चे और टीनएजर
- किडनी या लिवर की तकलीफ़ है, या कोई पुरानी बीमारी है
ग्लूटाथियोन प्रोडक्ट खरीदते समय इन बातों से सावधान रहें
दुकान हो या ऑनलाइन, अगर ये चीज़ें दिखें तो रुक जाइए:
- “गारंटीड” या “7 दिन में गोरापन” जैसे दावे
- पैक पर पूरी ingredients लिस्ट न हो, या बनाने वाली कंपनी/इम्पोर्टर का नाम-पता न हो
- बैच नंबर और एक्सपायरी डेट गायब हो
- दाम असली से बहुत कम हो, क्योंकि यह अक्सर नकली माल का इशारा होता है
छोटे में पूरी बात
- क्रीम: ज़्यादातर लोगों के लिए सेफ़, बस पैच टेस्ट ज़रूर करें।
- टैबलेट: आम तौर पर ठीक हैं, लेकिन शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछें।
- इंजेक्शन: खूबसूरती के लिए इनसे दूर रहें।
कोई भी अजीब लक्षण दिखे तो इस्तेमाल रोक दें और डॉक्टर को दिखाएं।
यह भी पढ़ें: ग्लूटाथियोन क्या है? और ग्लूटाथियोन के फायदे
इस गाइड को बनाने वालों की ओर से
Glutanex Glutathione Night Cream
इस क्रीम में ग्लूटाथियोन और विटामिन C है, जो रात भर त्वचा को एंटीऑक्सीडेंट देखभाल देते हैं। पहले पैच टेस्ट ज़रूर करें।
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जानकारी: Glutanex हमारा अपना ब्रांड है। परिणाम हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं।
यह लेख सिर्फ़ आम जानकारी के लिए है, यह डॉक्टर की सलाह नहीं है। कोई भी नया सप्लीमेंट या ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से बात कर लें।
यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं। कोई भी सप्लीमेंट या ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से बात करें। डिस्क्लेमर · डिस्क्लोज़र

